Image
वाजा इंडिया गुजरात की संयोजक डॉ अंजना संधीर को मिला साहित्य गौरव सम्मान

वाजा इंडिया गुजरात की संयोजक डॉ अंजना संधीर को मिला साहित्य गौरव सम्मान


वाजा इंडिया गुजरात की संयोजक डॉ अंजना संधीर को मिला साहित्य गौरव सम्मान

गांधीनगर।  28 अगस्त 2021, शनिवार को  गांधीनगर के महात्मा मंदिर हॉल में जनमेदनी की उपस्थिति में गुजरात राज्य के मुख्यमंत्री श्री विजय रुपाणी  के कर कमलों से 
राष्ट्रीय स्तर पर लेखकों पत्रकारों के प्रथम साझा मंच रायटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन (वाजा इंडिया) गुजरात इकाई की संयोजक, डॉ अंजना संधीर को गुजरात साहित्य अकादमी का प्रतिष्ठित पुरस्कार ‛हिंदी साहित्य गौरव ’ प्रदान किया गया जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा एक शॉल, शील्ड, सम्मान पत्र और ₹1 लाख की धनराशि प्रदान की गई। 

इस अवसर पर डॉ अंजना संधीर ने कहा कि मेरे लिए यह गर्व की बात है कि मेरी कर्म भूमि गुजरात ने मेरे लेखन पर इतनी कीमती मोहर लगाकर मुझे सम्मानित किया।

गुजरात के राष्ट्रीय कवि झवेरचंद मेघाणी जी की 125 वीं जन्म जयंती पर  पुरस्कार की प्राप्ति मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है तथा आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के अमृत महोत्सव में इस पुरस्कार की प्राप्ति अमूल्य निधि है। गुजरात सरकार द्वारा आयोजित ‛कसुंबी नो रंग उत्सव’ नामक यह कार्यक्रम इतने सुंदर ढंग से सुनियोजित आयोजित था कि श्रोताओं के मुंह से इस सुंदर कार्यक्रम में आने का हर्ष झलक रहा था। 

इतने बड़े पैमाने पर कोविड-19 की स्थिति में सभी नियमों का ध्यान रखते हुए यह कार्यक्रम अपने आप में अनूठा था जिसका श्रेय गुजरात साहित्य अकादमी के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ.विष्णु पंड्या जी, खेलकूद युवा व सांस्कृतिक प्रवृत्ति विभाग के सचिव श्री सी.वी सोम जी, युवा सेवा एवं सांस्कृतिक प्रवृत्तियों के आयुक्त टी.आर जोशी जी और संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष श्री पंकज भट्ट जी को जाता है। डॉ.विष्णु पंड्या ने कार्यक्रम की सुंदर भूमिका बांधी और कहा कि यह पुरस्कार गुजरात का ‛नोबेल प्राइज़’ है। इस कार्यक्रम में ‛साहित्य गौरव पुरस्कार’, ‛युवा गौरव पुरस्कार’ तथा ‛वेद शास्त्र पंडित सम्मान’ प्रदान किए गए। कार्यक्रम में  मुख्यमंत्री श्री विजय रुपाणी  और उनके साथ उनकी पत्नी अंजलि रुपाणी  भी उपस्थित थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि “हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और हमारे लोकप्रिय राष्ट्रीय कवि झवेरचंद मेघाणी की 125 वीं जन्म जयंती आज 28 अगस्त को मना रहे हैं जो नई राष्ट्रीय चेतना का संचार करेगी। 

गुजरात में गांधी, सरदार, नर्मद, मेघाणी, उमाशंकर जोशी और कन्हैयालाल मुंशी जैसे व्यक्तित्व हुए हैं। गुजरात हमेशा हर बात में अग्रसर रहा है।” 

उन्होंने ग्रंथालयों को श्री झवेरचंद मेघाणी जी की पुस्तकों के सेट वितरित किए और गुजरात साहित्य अकादमी के नए भवन ‛झवेरचंद मेघाणी भवन’ का ऑनलाइन शिलान्यास किया तथा राष्ट्रीय शायर श्री झवेरचंद मेघाणी जी के जीवन चरित्र पर बनी वेबसाइट पोर्टल का भी उद्घाटन किया। उन्होंने घोषणा की कि झवेरचंद मेघाणी जी की जन्मस्थली चोटिला में ‛झवेरचंद मेघाणी संग्रहालय’ बनाया जाएगा जिसके लिए राज्य सरकार ₹5 करोड़ देगी। 

कार्यक्रम में झवेरचंद मेघाणी जी के जीवन पर आधारित एक सुंदर फिल्म भी दिखाई गई और गुजरात के श्रेष्ठ लोक गायक लोक साहित्यकार पद्मश्री भीखूदान गढ़वी जी, कीर्ति दान गढ़वी, ओसमान मीर जी, किंजल दवे जी और अन्य कलाकारों ने झवेरचंद मेघाणी जी के लोकगीतों का इतना सुंदर कार्यक्रम आयोजित किया कि ‛वाह! क्या बात है!’ और तालियों से सारा हॉल आनंद ले रहा था। 

मेघाणी जी के ‛राज मने लाग्यो कसुंबी नो रंग’ पर तो सारा हॉल झूम उठा।

YOUR COMMENT

हमारे बारे में

नई पीढ़ी अपने विभिन्न अंकों के माध्यम से नये भारत व वर्तमान समाज के तमाम ज्वलंत सवालों पर न केवल बौध्दिक क्रांन्ति की अलख जगा रहा है वरन् उससे भी एक कदम आगे बढ़ कर ‘‘नई पीढ़ी फाउंडेशन’’ के माध्यम से एक सामाजिक नव जागरण की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। 'नई पीढ़ी फाउंडेशन' अपने विभिन्न मंचों (महिला मंच, अभिभावक मंच, शिक्षक मंच, पर्यावरण मंच) इत्यादि के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को नई पीढ़ी के नव निर्माण हेतु कार्य करने को प्रेरित कर रहा है। फाउंडेशन का एक मात्र उद्देश्य नई पीढ़ी को देश का सच्चा नागरिक बनने में सहयोग करते हुये मानव कल्याण के दिशा में प्रेरित करना है।

ON FACEBOOK

CONTACT US