Image
सूरत से संपन्न हुई, नई पीढ़ी के नव निर्माण में महिलाओं की भूमिका विषयक परिचर्चा

सूरत से संपन्न हुई, नई पीढ़ी के नव निर्माण में महिलाओं की भूमिका विषयक परिचर्चा


सूरत ।  नई पीढ़ी के नवनिर्माण को समर्पित राष्ट्रीय स्तर पर उभरते संगठन "नई पीढ़ी फाउंडेशन" तथा राष्ट्रीय स्तर पर लेखकों-पत्रकारों के प्रथम साझा मंच "राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन" (वाजा इंडिया) के संयुक्त तत्वावधान में "नई पीढ़ी के नव निर्माण में महिलाओं की भूमिका" विषयक देश की सबसे बड़ी ऑनलाइन परिचर्चा 

दिल्ली,मुंबई, कोलकाता, विशाखापट्टनम,हैदराबाद, तिरुअनंतपुरम,उड़ीसा व बुंदेलखंड के बाद गत दिनों गुजरात के सूरत शहर में से आयोजित हुई, इस परिचर्चा का संचालन सूरत की समाजसेवी अलका सांखला द्वारा किया गया! 


इस  परिचर्चा की शुरुआत नई पीढ़ी फाउंडेशन की सूरत संयोजक पूनम गुजरानी के वक्तव्य से हुआ, कार्यक्रम में विशेष आमंत्रित वक्ता के रूप में आगरा की पुलिस अधीक्षक विजिलेंस बबीता साहू ने अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया, तत्पश्चात प्रीति सुराणा नीरू तलवार स्मृति श्रीवास्तव निम्मी गुप्ता राखी वैद्य ने क्रमश; अपने - अपने वक्तव्य प्रस्तुत किए! कार्यक्रम की अध्यक्षता सूरत शहर की वरिष्ठ समाजसेवी विमला साबू ने किया! 

 इस परिचर्चा के दौरान आगरा की पुलिस अधीक्षक विजिलेंस तथा कार्यक्रम की विशेष आमंत्रित वक्ता बबीता साहू ने नई पीढ़ी के नवनिर्माण के संदर्भ में जहां अपने ढेर सारे अनुभवों को साझा किया, वहीं सूरत की प्रीति सुराणा ने कहा कि मां की साधना कठिन है बच्चे के लिए उसको अपनी रुचियों को दरकिनार करना पड़ेगा। इसी तरह  स्मृति श्रीवास्तव ने पचपन की उम्र में बचपन को जीने की जरूरत बतायी । 

नीरू तलवार ने नई पीढ़ी के नव निर्माण में महिलाओं की भूमिका को बहुत जरूरी बताया। इसी तरह निम्मी गुप्ता ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी और साथ ही अपने निजी अनुभवों को बांटा। 

इसी तरह कार्यक्रम की वक्ता राखी वैद्य ने कहा कि बच्चों में संस्कार का बीज बोना बहुत आवश्यक है। अगले क्रम में डॉक्टर सुमन लता ने भी बहुत ही सधी हुई बातें रखीं उन्होंने कहा कि बच्चों को पुस्तकें पढ़ना सिखाइए और बच्चों के समक्ष अच्छे उदाहरण पेश करने की जरूरत है। 

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में सूरत की प्रतिष्ठित समाजसेवी विमला साबू ने कहा कि 15 साल के बाद बच्चों को कुछ भी बोलोगे तो असर नहीं होगा ऐसे में बच्चों को समय दें, शाम का समय दो-तीन घंटे पूरे परिवार के साथ बैठ बच्चों से बातें शेयर कीजिए बच्चों के साथ उसके दोस्तों से मिलें । बच्चों के साथ कदमताल करें। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के साथ हमें पुरानी पीढ़ी में भी परिवर्तन लाने की आवश्यकता है।

इस कार्यक्रम में सर्वश्रेष्ठ वक्ता निम्मी गुप्ता को तथा सर्वश्रेष्ठ श्रोता के रूप में अनुभवी सिंह को चुना गया, जिन्हें सूरत के श्यामापति क्रिएशन की तरफ से एक आकर्षक उपहार तथा नई पीढ़ी की तरफ से सर्वश्रेष्ठ वक्ता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा ।

YOUR COMMENT

हमारे बारे में

नई पीढ़ी अपने विभिन्न अंकों के माध्यम से नये भारत व वर्तमान समाज के तमाम ज्वलंत सवालों पर न केवल बौध्दिक क्रांन्ति की अलख जगा रहा है वरन् उससे भी एक कदम आगे बढ़ कर ‘‘नई पीढ़ी फाउंडेशन’’ के माध्यम से एक सामाजिक नव जागरण की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। 'नई पीढ़ी फाउंडेशन' अपने विभिन्न मंचों (महिला मंच, अभिभावक मंच, शिक्षक मंच, पर्यावरण मंच) इत्यादि के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को नई पीढ़ी के नव निर्माण हेतु कार्य करने को प्रेरित कर रहा है। फाउंडेशन का एक मात्र उद्देश्य नई पीढ़ी को देश का सच्चा नागरिक बनने में सहयोग करते हुये मानव कल्याण के दिशा में प्रेरित करना है।

ON FACEBOOK

CONTACT US