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तिरुअनंतपुरम, केरल से नई पीढ़ी की परिचर्चा संपन्न

तिरुअनंतपुरम, केरल से नई पीढ़ी की परिचर्चा संपन्न


तिरुअनंतपुरम, केरल से नई पीढ़ी की परिचर्चा संपन्न  

 तिरुअनंतपुरम केरल से कल "नई पीढ़ी के नव निर्माण में महिलाओं की भूमिका" विषयक ऑनलाइन पर चर्चा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। यह कार्यक्रम 'नई पीढ़ी' समाचार पत्र पत्रिका तथा 'राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन' (वाजा इंडिया) महिला इकाई केरल द्वारा आयोजित की गई थी। 
 

 इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कालडी  विश्वविद्यालय तिरुअनंतपुरम की  भारतीय भाषाओं की डीन एवं फैकेल्टी  डॉ शांति नायर  ने की, जो कि प्रोफेसर होने के साथ ही केरल की प्रतिष्ठित लेखिका भी है। 
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता केंद्रीय विद्यालय पांगोड़, तिरुअनंतपुरम केरल की पूर्व प्राचार्य डॉ सिसी राय माथ्यु रही। 

 

 कार्यक्रम में वक्ता के तौर पर तिरुचिरापल्ली केरल की चीफ होम्योपैथिक कंसलटेंट डॉ शालिनी जे पी,  सरकारी महाविद्यालय तिरुअनंतपुरम की सहायक आचार्य सुश्री राजी  टी एस, तथा केरल की प्रतिष्ठित नृत्यांगना तथा ज़े के वी एच एस हाई स्कूल अयिरा, तिरूवनंतपुरम की अध्यापिका डॉक्टर पार्वती चंद्रन शामिल रहीं । 
 

कार्यक्रम का संचालन राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन महिला इकाई केरल की अध्यक्ष डॉ सुमा एस ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन महिला इकाई केरल की महासचिव डॉक्टर शबाना हबीब ने किया । 
कार्यक्रम में कृष्णा काकनी,डॉक्टर के मन्जुला,  वृंदा जयकुमार , डॉ   पीएस , जिजाय मधु कुमार,  लिया मारिया,  मोनिका मोहन, नम्रता ध्रुव,  प्रिया उदय,  राधिका के एन, गीता टीके,  पृथ्वी,  राजी प्रवीण,  एनी एबिन , अनुषा पी,  अरुणिमा जय कुमार,  बेबी सुमंगला,  भावना मोहनदास, बिंदु पिल्लई, क्रिस्टीना शेरीन रोज , अनुषा पी, बेबी सुमंगलाचार्य,  शीला केजे, स्मिथा जेएम, शैलजा नादंजलि, साईं कृष्णा एम एस, रेवा भीवी,  डॉक्टर के मंजुला,  रेखा कुर्रे,  फातिमा उमर,

 कार्थिका जयकुमार, वीणा प्रसाद  समेत तमाम महिलाएं थी । शाम 4:00 बजे से शुरू हुआ यह कार्यक्रम  करीब 1 घंटे 45 मिनट तक निर्बाध गति से चलता रहा और आखिर तक कई दर्जन श्रोता इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे । 
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं और श्रोताओं का स्वागत करते हुए राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव तथा नई पीढ़ी समाचार पत्र पत्रिका के संपादक शिवेंद्र प्रकाश द्विवेदी ने कहा कि आज छोटे-छोटे बच्चों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ रही है,कई शहरों में 60 परसेंट से अधिक युवा नशे की गिरफ्त में है, वृद्ध आश्रमों की संख्या लगातार बढ़ रही आखिर हम नई पीढ़ी को किस दिशा में लेकर जा रहे हैं? यही आज चिंतन का विषय है और इसमें महिलाओं की क्या भूमिका हो सकती है । 

 

इस दौरान डॉ शांति नायर ने कहा कि केरल के कुछ समाजों में मातृसत्तात्मक परिवार हैं, यहां की महिलाएं  समाज को लगातार नेतृत्व प्रदान करती रही है, हमारी महिलाओं को यह देखना चाहिए हम अपने बच्चों को शारीरिक सौंदर्य शास्त्र की अपेक्षा मेहनत और ईमानदारी के सौंदर्यशास्त्र की तरफ आकृष्ट करें । 
 

डॉ शशि राय माथुर ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों के विकास में एक मां को उसकी साथी बनकर भूमिका  निभानी चाहिए । 
 

डॉ शालिनी जेपी ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चे फेसबुक सोशल मीडिया को देखकर नकल करते हैं लेकिन आज इसी इंटरनेट ने हम सब को एक साथ जोड़ा है । बच्चे को इंटरनेट से दूर नहीं कर सकते बल्कि ऐसा संस्कार दिया जाए जिससे बच्चे सही और गलत को समझ सकें । उन्होंने कहा कि हमें बच्चों का बेस्ट फ्रेंड नहीं बल्कि फ्रेंड बनना है, अनुशासन जरूरी है अगर हम बच्चों को अधिक स्वतंत्रता देंगे तो वह रास्ते से भटक सकते हैं। 
 

इसी तरह सुश्री राजी टीएस ने कहा कि कला समाज का प्रतिबिंब है और मानसिक रूप से स्वस्थ नई पीढ़ी समाज के विकास में सहायक हो सकती है इसलिए नई पीढ़ी के विकास के लिए एक मां का रोल बहुत ही महत्वपूर्ण है। 
प्रतिष्ठित नृत्यांगना व अध्यापिका डॉक्टर पार्वती चंद्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि नृत्य हमारी अभिव्यक्तियों  का रसमय प्रदर्शन है । जैसे भरतनाट्यम भाव राग और ताल से बना है! हमारे परंपरागत नृत्य  अगली पीढ़ी को देने के लिए एक संजीवनी हैं, इसलिए हमें नई पीढ़ी को पारंपरिक नृत्य की तरफ भी  जागरूक करना चाहिए इससे ना केवल उनका शरीर  स्वस्थ रहता है वरन शरीर में एक तरह का लचीलापन भी आता है । 

 

 इस पूरे कार्यक्रम में राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन महिला इकाई केरल की अध्यक्ष डॉ सुमा एस ने अपने संचालन के जरिए काफी भाव पूर्ण तरीके से वक्ताओं और श्रोताओं के बीच में एक बेहतरीन कड़ी का कार्य किया।  कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापित करते हुए राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन केरल महिला इकाई की महासचिव डॉक्टर शबाना हबीब ने कहा कि यह कार्यक्रम इतना बेहतरीन होगा इस बात की हम लोगों ने कल्पना भी नहीं की थी,परंतु आप सभी के सहयोग से हम इतना अच्छा कार्यक्रम कर पाए। हम आगे भी इसी तरह से कार्यक्रम करते रहेंगे। 

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